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रांची से गायब अंश-अंशिका को बिहार ले जाकर बेचने की थी योजना, जानिए कैसे हुई बरामदगी

बजरंग दल की सूचना पर हुई बरामदगी

रांची से 13 दिन पहले दो जनवरी से लापता हुए भाई-बहन अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत चितरपुर स्थित अहमदनगर (पहाड़ी) इलाके से सकुशल बरामद कर लिया गया है।

पुलिस ने मौके से एक युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पति-पत्नी बताकर दोनों बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रहे थे।

जानकारी के अनुसार बिहार के औरंगाबाद निवासी करीब 25 वर्षीय युवक और 19 वर्षीय युवती करीब 10 दिन पहले चितरपुर के अहमदनगर पहुंचे थे। दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताते हुए रोशन आरा नामक महिला से एस्बेस्टस के मकान में एक कमरा किराए पर लिया था।

मकान का किराया मात्र 1000 रुपये प्रतिमाह तय हुआ था। दंपती ने मकान मालकिन को बताया था कि दोनों बच्चे उनके ही हैं।

मकान मालकिन रोशन आरा ने पुलिस को बताया कि ठंड अधिक होने के कारण और आधार कार्ड देखने के बाद उन्होंने इंसानियत के नाते कम उम्र के दंपती को बच्चों के साथ रहने के लिए कमरा दे दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि उनके तीन बेटे दिल्ली में काम करते हैं।

बजरंग दल की सूचना पर हुई बरामदगी

दोनों बच्चों के लापता होने की खबर इंटरनेट मीडिया में फैलने के बाद मंगलवार शाम से ही बजरंग दल के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए थे। बजरंग दल की टीम में शामिल सचिन, डब्लू साहू, सुनील कुमार और अंशु ने आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की।

बुधवार अहले सुबह उन्हें चितरपुर के अहमदनगर में संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिली, जिसके बाद मौके से दोनों बच्चों को बरामद किया गया और तत्काल रामगढ़ पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही रजरप्पा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दंपति को गिरफ्तार कर दोनों बच्चों को अपने कब्जे में लेकर रामगढ़ एसपी आवास ले आई।

बैलून बेचने की आड़ में करता था बच्चों की रेकी

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दंपती धुर्वा के शालीमार बाजार और आसपास के इलाकों में घूम-घूम कर बैलून बेचता था।

इसी दौरान बच्चों की रेकी कर उन्हें चोरी करने की साजिश रची गई। पूछताछ के दौरान दंपति ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के समक्ष बच्चों की चोरी की बात स्वीकार की है।

बिहार ले जाकर बच्चों को बेचने की थी तैयारी

पुलिस के अनुसार दंपति दोनों बच्चों को बिहार के औरंगाबाद ले जाकर बेचने की फिराक में था। बिहार जाने का मौका नहीं मिलने और पुलिस के डर से वे चितरपुर में 10-11 दिनों तक बच्चों को छुपाकर रखे हुए थे।

पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

बच्चों की सकुशल बरामदी के बाद इलाके में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। रामगढ़ एसपी अजय कुमार, एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, रामगढ़ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय और रजरप्पा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार गिरफ्तार आरोपित दंपती को लेकर घटनास्थल पहुंचे और मामले की जांच की।

धुर्वा, रांची से लापता दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। बच्चों को यहां कैसे लाया गया और आरोपितों की मंशा क्या थी, इसकी गहन जांच की जा रही है

Deepak Verma

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