ईस्ट जयंतिया हिल्स खदान हादसा: अवैध खदान के दो मालिक गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने मांगी सख्त कार्रवाई की रिपोर्ट
अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी उसी अवैध खदान के मालिक बताए जा रहे हैं, जहां हुए धमाके में कम से कम 25 मजदूरों की जान चली गई थी।

शिलॉन्ग, 6 फरवरी: ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी उसी अवैध खदान के मालिक बताए जा रहे हैं, जहां हुए धमाके में कम से कम 18 मजदूरों की जान चली गई थी।
गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह थांगस्कू इलाके में हुए धमाके के सिलसिले में दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और कहा है कि उन्हें अदालत में पेश किए जाने के बाद ही विवरण साझा किया जाएगा।
इस हादसे में अब तक 18 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि अदालतों के सख्त निर्देशों के बावजूद जिले में प्रतिबंधित रैट-होल कोयला खनन गतिविधियां लगातार जारी हैं।
घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मेघालय हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति एच.एस. थंगखिएव और न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिएंगदोह की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले की सुनवाई करते हुए गंभीर चिंता जताई कि 14 जनवरी को हुई एक अन्य घातक घटना के बावजूद अवैध खनन नहीं रुका है।
अदालत ने जिला प्रशासन और पुलिस को बिना देरी के कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को खदान मालिकों, संचालकों और इस अवैध गतिविधि से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही अदालत ने सभी मशीनरी, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने के निर्देश भी दिए हैं। पीड़ितों और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।
जवाबदेही तय करते हुए हाईकोर्ट ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को 9 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। अधिकारियों को अब तक की गई कार्रवाई—गिरफ्तारियां, जब्ती और अवैध खनन रोकने के उपायों—की विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।
अदालत ने यह भी पूछा है कि पहले की घटनाओं और कानूनी पाबंदियों के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे चलती रहीं। चेतावनी दी गई है कि यदि ठोस और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई तो और भी कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे।
यह हादसा हाल के वर्षों के सबसे घातक खनन हादसों में से एक माना जा रहा है, जिसमें थांगस्कू क्षेत्र की एक संदिग्ध अवैध खदान में हुए विस्फोट के बाद कम से कम 18 मजदूरों के शव बरामद किए गए।


