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बांग्लादेश को तोड़ दो.. भड़के त्रिपुरा के ‘महाराज’, यूनुस के बयान पर करारा पलटवार

Northeast India Reaction

बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस की तरफ से भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों पर की गई टिप्पणी पर बवाल मच गया है. यूनुस ने कहा था कि भारत के पूर्वी क्षेत्र के सात राज्यों को  सेवेन सिस्टर्स कहा जाता है. वे चारों ओर से जमीन से घिरे क्षेत्र हैं. उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. युनूस ने यह बयान चीन की अपनी हालिया चार दिवसीय यात्रा के दौरान दिया. इसका एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है. इसके बाद इस बयान पर नॉर्थ ईस्ट के नेताओं के बयान आने शुरू हो गए हैं. बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए त्रिपुरा के पूर्व शाही परिवार के सदस्य और टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत माणिक्य ने बांग्लादेश को तोड़ने तक की बात कह दी

Prof Muhammad Yunus also recipient of the US Presidential Medal of Freedom and the Congressional Gold Medal

असल में प्रद्योत माणिक्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कहा कि दिल्ली को उत्तर पूर्व के साथ भौतिक नियंत्रण और संचार स्थापित करने के लिए अरबों खर्च करने के बजाय उन बांग्लादेशी क्षेत्रों को अपने अधीन ले लेना चाहिए जो हमेशा से भारत का हिस्सा बनना चाहते थे. उनका मानना है कि इससे उत्तर पूर्वी राज्यों को सीधे समुद्री मार्ग तक पहुंच मिल जाएगी जो अभी बांग्लादेश की सीमाओं के कारण संभव नहीं हो पा रहा है.

चटगांव हिल ट्रैक्ट्स को लेकर बड़ा दावा

वहीं प्रद्योत माणिक्य ने चटगांव हिल ट्रैक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र हमेशा से आदिवासी समुदायों का रहा है जो भारत में शामिल होना चाहते थे. उन्होंने बताया कि आज भी लाखों त्रिपुरी, गारो, खासी और चकमा समुदाय के लोग बांग्लादेश में दयनीय स्थिति में रह रहे हैं. यह भारत के राष्ट्रीय हित में है कि उन्हें सुरक्षा और बेहतर जीवन दिया जाए.

चटगांव हिल ट्रैक्ट्स लंबे समय से बांग्लादेश के लिए समस्या रहा है. वहां एम.एन. लरमा के नेतृत्व में ‘शांति बहिनी’ नामक संगठन ने क्षेत्र की स्वायत्तता और आदिवासी पहचान की मान्यता के लिए संघर्ष किया था. हालांकि 1997 में शेख हसीना सरकार के दौरान एक शांति समझौता हुआ लेकिन असंतोष अब भी जारी है

Deepak Verma

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