मेघालय

मेघालय के ‘जिंगकिएंग ज्री/ल्यू क्राई सांस्कृतिक परिदृश्य’ को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की दिशा में बड़ा


 शिलांग, 28 जनवरी: भारत की ओर से मेघालय के “जिंगकिएंग ज्री/ ल्यू क्राई सांस्कृतिक परिदृश्य” को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के लिए नामांकन डोज़ियर औपचारिक रूप से प्रस्तुत कर दिया गया है। यह डोज़ियर भारत के यूनेस्को में राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि विशाल वी. शर्मा ने यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर के निदेशक लाज़ारे असोमो एलौंदू को सौंपा। इस पर 2026–27 के मूल्यांकन चक्र में विचार किया जाएगा।

डोज़ियर सौंपते समय राजदूत विशाल वी. शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, प्रधान सचिव एफ. आर. खारकोंगर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), विदेश मंत्रालय, विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों का आभार व्यक्त किया, जो इस ऐतिहासिक नामांकन की संपत्ति की रक्षा कर रहे हैं।

मेघालय के खासी और जयंतिया हिल्स में फैला यह नामांकित क्षेत्र सदियों से खासी और जयंतिया आदिवासी समुदायों द्वारा गढ़े गए एक विशिष्ट जीवंत सांस्कृतिक परिदृश्य का प्रतिनिधित्व करता है। यह परिदृश्य लोगों, प्रकृति और आध्यात्मिकता के बीच गहरे और सामंजस्यपूर्ण संबंध को दर्शाता है, जो पारंपरिक भूमि उपयोग, शासन व्यवस्था और पारिस्थितिक संरक्षण प्रणालियों में दिखाई देता है।

इस सांस्कृतिक परिदृश्य का केंद्र बिंदु मेई रमेव (मदर अर्थ) के प्रति सम्मान, पारस्परिकता और जिम्मेदारी के सिद्धांतों पर आधारित स्वदेशी विश्वदृष्टि है।

इस नामांकन डोज़ियर का प्रस्तुत किया जाना भारत की अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर—विशेषकर आदिवासी समुदायों की जीवंत परंपराओं और ज्ञान प्रणालियों—को मान्यता देने और संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, साथ ही यूनेस्को के माध्यम से वैश्विक धरोहर संरक्षण प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकेत देता है।

Deepak Verma

Related Articles

Back to top button