400 दिनों से ठप NEHU, शिक्षा मंत्रालय की चुप्पी पर सवाल

शिलांग, 24 जनवरी: उत्तर-पूर्वी पहाड़ी विश्वविद्यालय (NEHU) में उपकुलपति प्रो. प्रभा शंकर शुक्ला की लंबे समय से अनुपस्थिति के कारण 400 दिनों से अधिक समय से विश्वविद्यालय का कामकाज ठप पड़ा है, लेकिन शिक्षा मंत्रालय इस गंभीर गतिरोध पर आंख मूंदे बैठा नजर आ रहा है।
शुरुआत में मंत्रालय ने संकट सुलझाने में गहरी दिलचस्पी दिखाई थी और हालात का जायजा लेने व विभिन्न आरोपों की जांच के लिए एक टीम भी NEHU भेजी थी। हालांकि, इसके बाद मंत्रालय पूरी तरह खामोश हो गया। कई महीने बीत जाने के बावजूद न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही किसी तरह की आगे की कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
शुक्रवार को शिक्षा मंत्री लखमेन रिम्बुई ने कहा कि मेघालय सरकार ने इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है ताकि जल्द से जल्द गतिरोध खत्म किया जा सके।
उन्होंने कहा, “NEHU में गतिरोध अभी भी जारी है।” मंत्री ने शिलांग परिसर के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. सुमारबिन उम्दोर से अपने कर्तव्यों पर वापस लौटने की अपील की और बताया कि दिसंबर के मध्य में दिया गया उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया गया है।
रिम्बुई ने यह भी बताया कि तुरा परिसर के प्रो-वाइस चांसलर शिलांग स्थानांतरित होने को तैयार नहीं हैं। विश्वविद्यालय मुख्यालय में एक कार्यशील प्रो-वाइस चांसलर के अभाव में वेतन वितरण और शैक्षणिक कार्यों समेत कई प्रशासनिक काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
मंत्री ने चेतावनी दी कि इस संकट का असर मेघालय के 70 एनईएचयू-संबद्ध कॉलेजों पर भी पड़ सकता है।
