शिलांग कैंटोनमेंट में अवैध निर्माण सामग्री हटाने का आदेश, नोटिस जारी

शिलांग, 20 जनवरी: शिलांग कैंटोनमेंट बोर्ड ने बंगला नंबर 29, सर्वे नंबर 34 (Shillong Cantonment) में बिना अनुमति निर्माण सामग्री डंप करने और अस्थायी ढांचों के निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आयुष मौर्य, IDES द्वारा इस संबंध में औपचारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार, स्म्ट. संतोष देवी गोयनका (स्वर्गीय सज्जन कुमार गोयनका की विधिक प्रतिनिधि), स्क. ओम प्रकाश गोयनका और श्री कमल गोएरका—जो बंगला नंबर 29 के रिकॉर्डेड लीज़ी हैं—पर आरोप है कि उन्होंने 16 जनवरी 2026 को आग लगने से क्षतिग्रस्त भवन के पुनर्निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना परिसर में निर्माण सामग्री डंप की। कैंटोनमेंट बोर्ड ने निर्देश दिया है कि संबंधित पक्ष तत्काल प्रभाव से सभी निर्माण सामग्री हटाएं और बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें। ऐसा न करने पर कैंटोनमेंट एक्ट, 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, नोटिस में यह भी कहा गया है कि परिसर में ब्लॉक-1 और ब्लॉक-2 नामक RCC भवनों के पास कई अस्थायी लकड़ी के शेड बने हुए हैं, जो जर्जर हालत में हैं और कभी भी गिर सकते हैं, जिससे जान-माल का खतरा है। संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे 30 दिनों के भीतर सभी अवैध अस्थायी शेड हटा दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कैंटोनमेंट बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि बंगला नंबर 29 की 50 वर्षों की लीज़ अवधि 31 मार्च 2018 को समाप्त हो चुकी है और लीज़ के नवीनीकरण (Extension) के अभाव में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है। बोर्ड ने दो टूक कहा है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के हित में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, अन्यथा संबंधित पक्षों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



