व्यावसायिक वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाने के प्रस्ताव का ईस्ट खासी हिल्स लोकल टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने किया विरोध

ईस्ट खासी हिल्स लोकल टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन (EKHLTWA) ने मेघालय में सभी व्यावसायिक वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य करने के परिवहन विभाग के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और योजना के क्रियान्वयन को लेकर स्पष्टता की कमी है।
मंगलवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष वांडनबोक जिरवा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सावलाड स्थित परिवहन आयुक्त आशीष एम. संगमा से मुलाकात कर केंद्र सरकार के निर्देश पर लाई गई इस योजना को लेकर अपनी चिंताएं जताईं।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जिरवा ने कहा कि एसोसिएशन लगातार यह मांग करता रहा है कि फिलहाल स्थानीय स्तर पर संचालित व्यावसायिक वाहनों, जिनमें टैक्सी और बसें शामिल हैं, को इस योजना से छूट दी जाए।
उन्होंने कहा, “हम पहले यह देखना चाहते हैं कि यह ट्रैकिंग डिवाइस कितना प्रभावी है। हम हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) जैसी स्थिति दोबारा नहीं चाहते, जिसमें कई खामियां सामने आई थीं।”
जिरवा ने बताया कि एसोसिएशन ने सुझाव दिया था कि इस योजना को पहले सरकारी वाहनों, सरकारी उपक्रमों, स्कूल बसों और विश्वविद्यालय की बसों पर लागू किया जाए, जिसे पहले स्वीकार भी किया गया था।
हालांकि, उन्होंने जैंतिया हिल्स, री-भोई और खासी–जैंतिया क्षेत्र के अन्य हिस्सों से आ रही उन खबरों पर हैरानी जताई, जिनमें कहा गया है कि वाहन मालिकों से गुरुवार से ट्रैकिंग डिवाइस लगवाने को कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा, “बैठक में जो चर्चा होती है और ज़मीनी स्तर पर जो लागू किया जा रहा है, दोनों में बड़ा अंतर है।”
एसोसिएशन ने मेघालय की विशिष्ट आर्थिक परिस्थितियों का भी हवाला दिया। जिरवा ने कहा कि शिलांग कोई महानगर नहीं है, जहां 24 घंटे व्यावसायिक गतिविधियां चलती हों।
उन्होंने कहा, “अधिकांश चालक दिन में ही टैक्सी चलाते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था अलग है और अभी तक कोविड-19 महामारी के असर से पूरी तरह उबर नहीं पाई है।”
उन्होंने ट्रैकिंग डिवाइस से जुड़े अतिरिक्त खर्च को लेकर भी चिंता जताई। जिरवा ने कहा कि वाहन मालिक पहले से ही कई तरह के कर चुका रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया, “डिवाइस लगाने के बाद हमें नियमित रूप से उसका रिचार्ज भी करना होगा। मौजूदा करों के साथ डिवाइस कंपनी द्वारा लगाए जाने वाले नए शुल्क—आखिर हम कितने कर और चुकाएं?”
फिलहाल, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्थानीय व्यावसायिक वाहनों और बसों को अस्थायी रूप से राहत दी जाएगी और उन्हें अपने दस्तावेजों का नवीनीकरण करने की अनुमति दी जाएगी। इस मामले को आगे निर्णय के लिए राज्य सरकार के पास भेज दिया गया है।



